उत्तराखंड के शहरी परिवहन में लगेगा ‘इलेक्ट्रिक’ तड़का: पीएम ई-बस सेवा के तहत मिलेंगी 137 बसें

देहरादून। उत्तराखंड के सार्वजनिक परिवहन को हाई-टेक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के अंतर्गत राज्य को 137 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं, जो देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख शहरों की सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। इस पहल से न केवल यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि देवभूमि के पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार द्वारा 28 अक्टूबर 2024 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देश के शहरों में स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता कम होगी और वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। साथ ही यात्रियों को अधिक आरामदायक और आधुनिक यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
उत्तराखंड जैसे पर्यटन और तीर्थाटन प्रधान राज्य में इन बसों का संचालन खास महत्व रखता है। राज्य के प्रमुख शहरों में इनकी तैनाती से यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलेगा और शहरों में ट्रैफिक दबाव भी कुछ हद तक कम हो सकेगा। इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक बसों की तुलना में कम शोर करती हैं और इनमें धुएं का उत्सर्जन नहीं होता, जिससे शहरी वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।
योजना के तहत बसों का संचालन सकल लागत अनुबंध (जीसीसी) मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। इस व्यवस्था में निजी कंपनियां बसों की आपूर्ति और संचालन का जिम्मा संभालेंगी, जबकि सरकार तय मानकों के आधार पर भुगतान करेगी। भुगतान व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष भुगतान सुरक्षा तंत्र बनाया गया है, जिसका संचालन कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) द्वारा किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 500 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया है। सामान्य तौर पर बसों की आपूर्ति और तैनाती की समयसीमा अनुबंध होने के बाद लगभग दो वर्ष निर्धारित की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से उत्तराखंड के शहरों में सार्वजनिक परिवहन अधिक आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनेगा। साथ ही यह पहल राज्य में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।


