उत्तराखंड

उत्तराखंड के फिताड़ी गांव में भीषण अग्निकांड, 12 परिवार हुए बेघर

पुरोला। उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड के अंतर्गत फिताड़ी गांव में सोमवार मध्य रात्रि को एक भीषण अग्निकांड हुआ। आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट की वजह बताई जा रही है, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और छ: आवासीय भवनों और छ: अन्न भंडारों को राख के ढेर में बदल दिया। इस हादसे में 12 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनकी वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी पल भर में स्वाहा हो गई। हालांकि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन तीन गायों की जलकर मौत हो गई है। प्रभावित परिवार अब अस्थायी आश्रय में रहने को मजबूर हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत एक मकान से हुई, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकांश मकान लकड़ी से बने होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के अन्य भवनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। रात के समय अधिकतर लोग घरों में सो रहे थे, ऐसे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकले।
घटना की सूचना मिलते ही सावणी गांव के प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत ने तत्काल प्रशासन को अवगत कराया। वहीं क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश लाल ने भी देर रात ही अधिकारियों से संपर्क कर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए और स्वयं भी एसडीआरएफ टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। सूचना पर फायर सर्विस मोरी और पुरोला, पुलिस बल, राजस्व विभाग तथा एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी रातभर राहत एवं बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
हालांकि आग इतनी भीषण थी कि उस पर तुरंत काबू पाना संभव नहीं हो सका। कड़ी मशक्कत के बाद तड़के करीब चार से पांच बजे के बीच आग पर नियंत्रण पाया जा सका। तब तक घरों में रखा अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और दैनिक उपयोग का सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
इस अग्निकांड में तीन गायों की भी जलकर मौत हो गई, जो प्रभावित परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान है। राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रभावित परिवारों में प्रेम सिंह, कुंदन सिंह, रविंद्र सिंह, उमराल सिंह, तिलक सिंह, नौनियाल सिंह, ताजम देई, दुधकली देवी, वीरेंद्र सिंह, सुविंद्रा, मोहन सिंह और जनक सिंह शामिल हैं। सभी परिवार अब अस्थायी आश्रय में रहने को मजबूर हैं और उन्हें तत्काल राहत व पुनर्वास की जरूरत है।

  • प्रशासन की टीम मौके पर: घटना की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के निर्देश पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य मंगलवार सुबह घटनास्थल के लिए रवाना हुए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों को तत्काल राहत सामग्री, भोजन, कपड़े और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन द्वारा स्थिति को सामान्य करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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