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श्रद्धालुओं को बड़ी राहत, ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी होगा पंजीकरण, मंत्री ने दिए डामटा बैरियर हटाने के निर्देश

डामटा/उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘मिशन चारधाम’ को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश के कैबिनेट एवं जिला प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उत्तरकाशी में मंदिर समितियों, होटल एसोसिएशन, परिवहन यूनियनों और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में यात्रा रूट की बाधाओं को दूर करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए।

  1. गंगोत्री हाईवे को गड्ढामुक्त करने की डेडलाइन: यात्रा मार्ग की सुगमता पर जोर देते हुए मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सीमा सड़क संगठन (BRO) को सख्त निर्देश दिए कि गंगोत्री नेशनल हाईवे को यात्रा शुरू होने से पहले हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही यात्रा रूट पर सुलभ शौचालयों की स्वच्छता और व्यावसायिक गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
  2. पंजीकरण और डामटा बैरियर पर बड़ा फैसला: श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए मंत्री ने घोषणा की कि इस बार ऑनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी यात्री को असुविधा न हो। वहीं, यमुनोत्री मार्ग पर यात्रियों के लिए बड़ी बाधा बनने वाले डामटा बैरियर को हटाने के निर्देश भी दिए गए, जिससे यातायात सुचारू हो सकेगा।
  3. धार्मिक मर्यादा और स्वच्छता पर सख्ती: यात्रा की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों और यात्रा मार्गों पर मांस-मदिरा की अवैध बिक्री और उपभोग पर पूर्णतः सख्ती बरती जाएगी। उन्होंने प्रशासन को अवैध अतिक्रमण और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
  4. मत्स्यपालकों की बढ़ेगी आय, ITBP को होगी ताजी मछली की सप्लाई: बैठक के दौरान एक सराहनीय पहल करते हुए मंत्री ने स्थानीय मत्स्यपालकों को आइस बॉक्स वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्थानीय काश्तकारों की आय बढ़ाने के लिए उनके उत्पादों को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) से जोड़ा जा रहा है, ताकि जवानों को ताजी मछली मिल सके और ग्रामीणों को बेहतर बाजाअर उपलब्ध हो।

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