उत्तराखंड

जौली ग्रांट एयरपोर्ट पर देश की पहली ‘फ्लाईब्रेरी’ शुरू

देहरादून। संग्रहालय का जौली अनुदान हवाई अड्डा अब केवल यात्रा का केंद्र नहीं है, बल्कि साहित्य और संस्कृति का संगम भी बन गया है। भारतीय विमानपट्टन प्राधिकरण और ‘लेखक गांव’ के साझा प्रयास से यहां देश की पहली ‘फ्लाईब्रेरी’ (हवाई लाइब्रेरी) का भव्य उद्घाटन हुआ है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने गुजरात के राजकोट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से वर्चुअल माध्यम से इस परियोजना का लोकार्पण किया। इस अभिनव पहल का उद्देश्य हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों में पठन-पाठन की लुप्त होती संस्कृति को पुनर्जीवित करना और उन्हें बौद्धिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करना है। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए ‘डिजी ट्रैवल’ और हाई-स्टेट वाई-फाई जैसी आधुनिक सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने देहरादून सहित देश के 57 हवाई अड्डों को एक साथ जोड़कर आधुनिक सुविधाओं का उपहार दिया।

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विमानन सेवाओं का लोकतंत्रीकरण प्रधानमंत्री के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई सफर कर सके। इसी कड़ी में आज देशभर में कुल 16 फ्लाईब्रेरी का उद्घाटन किया गया, जिनमें देहरादून की लाइब्रेरी लेखक गांव और स्पर्श हिमालय फाउंडेशन के विशेष सहयोग से तैयार की गई है।

लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक ने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि यह फ्लाईब्रेरी केवल पुस्तकों का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की समृद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का एक मंच है। इस पुस्तकालय में पर्यटन, धर्म, योग, अध्यात्म, और विशेषकर उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास व साहित्य से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। बच्चों के लिए भी यहां बाल साहित्य का विशेष कोना बनाया गया है। विदुषी निशंक ने विश्वास दिलाया कि लेखक गांव भविष्य में भी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर ऐसी जनहितकारी और सांस्कृतिक पहलों को गति देता रहेगा।

फ्लाईब्रेरी के साथ-साथ जौली ग्रांट एयरपोर्ट पर डिजीयात्रा सेवा का भी विस्तार किया गया है, जिससे यात्रियों को बिना किसी शारीरिक संपर्क के तेज और सुगम सुरक्षा जांच की सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट परिसर में हाई-स्पीड निशुल्क वाई-फाई और नन्हे यात्रियों के लिए सुरक्षित किड्स ज़ोन का भी समर्पण किया गया। कार्यक्रम में सांसद पुरुषोत्तम रुपाला, राज्यसभा सांसद रामभाई हरजीभाई मोकरिया, केसरी देव सिंह झाला और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। दून में एयरपोर्ट के निदेशक बीसीएच नेगी की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में लेखक गांव के प्रतिनिधि डा. सर्वेश उनियाल, डा. बेचैन कंडियाल और अन्य साहित्यप्रेमी भी मौजूद रहे।

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