
Dehradun, 19 October, 2026। सर्दियों की दस्तक के साथ ही देहरादून चिड़ियाघर प्रशासन ने वन्यजीवों और सरीसृपों को ठंड से बचाने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। तापमान में गिरावट को देखते हुए सांपों, मगरमच्छों और अन्य जीवों के लिए बाड़ों में हीटिंग बल्ब व हीटर लगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी दीक्षा भट्ट के अनुसार, पशु चिकित्साधिकारी की निगरानी में जानवरों और पक्षियों के खानपान में भी मौसम के अनुकूल बदलाव किया जाएगा। सर्दियों में सांप और मगरमच्छ जैसे सरीसृपों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
ये जीव अपने शरीर का तापमान मुख्य रूप से बाहरी वातावरण के अनुसार नियंत्रित करते हैं। अधिक ठंड होने पर इनकी गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं और भोजन पचाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में इनके बाड़ों में अनुकूल तापमान बनाए रखना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए चिड़ियाघर में हीटिंग बल्ब, हीटर और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि ठंड से इनकी सेहत पर असर न पड़े। चिड़ियाघर प्रशासन का उद्देश्य सर्दियों में भी वन्यजीवों को उनके अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि बदलते मौसम का उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर न पड़े।
चिड़ियाघर में मौजूद मांसाहारी और बड़े वन्यजीवों के रात्रि आश्रय स्थलों में भी ठंड से बचाव के जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही जानवरों और पक्षियों के भोजन में मौसमी जरूरतों के अनुसार बदलाव किया जाएगा। पशु चिकित्साधिकारी वन्यजीवों की सेहत पर नजर रखेंगे और उनकी जरूरत के अनुसार खानपान में बदलाव की निगरानी करेंगे।
वन क्षेत्राधिकारी दीक्षा भट्ट ने बताया कि चिड़ियाघर में कई प्रजातियों के वन्यजीव और सरीसृप हैं। सर्दियों को देखते हुए रात्रि आश्रय स्थलों में लगभग सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरीसृपों के लिए हीटिंग बल्ब और हीटर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्साधिकारी भोजन में जरूरी बदलाव और वन्यजीवों के स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे।



