
देहरादून। उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल के नीलकंठ महादेव और नैनीताल जिले के रामनगर में मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण के लिए बजट को मंजूरी मिल गई है। यह फैसला उत्तराखण्ड में पर्यटन और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में शहरी विकास विभाग के प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए नीलकंठ महादेव में 5183.65 लाख रुपये और रामनगर में 3857.64 लाख रुपये की लागत से आधुनिक मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दोनों ही स्थानों पर लंबे समय से बनी पार्किंग की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग निर्माण के दौरान सभी निर्धारित गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए। खासतौर पर प्रवेश और निकासी मार्गों के लिए टर्निंग रेडियस जैसे तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, ताकि भविष्य में यातायात बाधित न हो।
नीलकंठ महादेव में बनने वाली पार्किंग को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। यहां निर्माण से पहले भूमि का जियोटेक्निकल सर्वे अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया है, जिससे किसी भी भौगोलिक जोखिम से बचा जा सके। इसके साथ ही पार्किंग भवन के फसाड (बाहरी स्वरूप) को आकर्षक और क्षेत्र के अनुरूप बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि धार्मिक और पर्यटन स्थल की सुंदरता बनी रहे।
रामनगर, जो कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार माना जाता है, वहां यह पार्किंग परियोजना पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। वहीं नीलकंठ महादेव में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे सड़क किनारे वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। नई पार्किंग बनने से यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यातायात प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी सुविधा मिलेगी।



