उत्तराखंड में पहली डिजिटल जनगणना शुरू, राज्यपाल ने खुद को ‘स्व-गणित’ कर किया उद्घाटन

देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शुक्रवार को लोक भवन में स्व-गणना (Self-Enumeration) के माध्यम से जनगणना-2027 की प्रक्रिया का औपचारिक आगाज़ किया। इसके साथ ही राज्य में देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण की गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
राज्यपाल ने स्वयं वेब-पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर प्रदेशवासियों को इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस बार की जनगणना में आम जनता को सुरक्षित वेब-प्रणाली के जरिए घर बैठे अपनी जानकारी भरने की विशेष सुविधा दी गई है। प्रदेश में पहले चरण के तहत मकानों की सूचीकरण और गणना का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई तक संचालित किया जाएगा, जो पूरी तरह डिजिटल उपकरणों पर आधारित होगा।
यह जनगणना भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसमें डेटा संग्रहण डिजिटल उपकरणों के जरिए किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार लोगों को स्व-गणना की सुविधा भी दी गई है, जो एक सुरक्षित और वेब-आधारित प्रणाली पर आधारित है।राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। कहा कि यह वेब पोर्टल बेहद सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है, जिससे आम लोग भी बिना किसी परेशानी के अपनी जानकारी भर सकते हैं।



