उत्तराखंड

विकसित उत्तराखंड @2047: धामी सरकार के 4 साल बेमिसाल, विकास और सुशासन का बना नया मॉडल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पिछले चार वर्षों में विकास, पारदर्शिता और साहसिक निर्णयों का एक नया अध्याय लिखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “विकसित भारत @2047” के विजन को धरातल पर उतारते हुए राज्य ने न केवल समान नागरिक संहिता (UCC) और देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी 7.23% की विकास दर के साथ लंबी छलांग लगाई है। बुनियादी ढांचे में सुधार, रिकॉर्ड तोड़ पर्यटन और 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार देकर धामी सरकार ने उत्तराखंड को देश के अग्रणी और आत्मनिर्भर राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा कर दिया है।

धामी सरकार की उपलब्धियों में सबसे अहम समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करना रहा, जिससे उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना। इसके अलावा सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे कड़े निर्णयों ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में विश्वास बढ़ा है और चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलना इसका प्रमाण है।

आर्थिक मोर्चे पर भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2024-25 में उत्तराखण्ड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़कर 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2021-22 की तुलना में डेढ़ गुना वृद्धि को दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय 2.73 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जबकि बहुआयामी गरीबी दर घटकर 6.92 प्रतिशत रह गई है। 7.23 प्रतिशत की विकास दर राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।

औद्योगिक विकास में भी राज्य ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए, जिनमें से एक लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। स्टार्टअप इकोसिस्टम में उत्तराखण्ड “लीडर” श्रेणी में पहुंच चुका है, जबकि एमएसएमई इकाइयों की संख्या बढ़कर करीब 80 हजार हो गई है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।

स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में भी व्यापक सुधार देखने को मिला है। अटल आयुष्मान योजना के तहत 61 लाख से अधिक कार्ड बनाए गए और 17 लाख से ज्यादा मरीजों को 3400 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार मिला है। महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत भागीदारी और “लखपति दीदी” योजना के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, रोपवे परियोजनाएं और हेली सेवाओं का विस्तार राज्य की कनेक्टिविटी को नई गति दे रहे हैं। हेलीपोर्ट और हेलीपैड के विस्तार से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने के लिए मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसी योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहचान मिल रही है।समग्र रूप से धामी सरकार के चार वर्ष उत्तराखण्ड के लिए परिवर्तनकारी साबित हुए हैं। मजबूत नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के साथ राज्य अब विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उत्तराखण्ड ने पर्यटन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2025 में छह करोड़ से अधिक पर्यटक राज्य पहुंचे। चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। मानसखंड मंदिर माला मिशन और शीतकालीन यात्रा की शुरुआत से पर्यटन को सालभर सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

“हमारा संकल्प केवल विकास नहीं, बल्कि समग्र और संतुलित विकास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उत्तराखण्ड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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