उत्तराखंड

जयकारों से गूंजा माँ सुरकंडा का दरबार, डोलियों ने दिया आशीर्वाद

टिहरी। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर सिद्धपीठ माँ सुरकंडा देवी मंदिर में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला। रविवार रात से शुरू हुए भजन-कीर्तन और जागरण के बाद सोमवार सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ढोल-दमाऊं की थाप पर पहुंचीं देवी-देवताओं की डोलियों और भक्तों के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर विश्व शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही विशाल भंडारे और पारंपरिक मेले का भी आयोजन किया गया। सुबह तड़के से ही मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर शाम तक जारी रहीं।

मंदिर समिति अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि गंगा दशहरा के अवसर पर प्रातःकाल गंगाजल से माँ सुरकंडा का विशेष अभिषेक एवं स्नान कराया गया। इसके पश्चात विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।उन्होंने बताया कि मंदिर के नीचे स्थित गंगा धारा की साफ-सफाई कर विधिवत पूजा की गई। दिनभर विभिन्न क्षेत्रों से देवी-देवताओं की डोलियां मंदिर परिसर पहुंचती रहीं। ढोल-दमाऊं की थाप और जयकारों के बीच माता पश्वाओं पर अवतरित हुईं तथा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

मंदिर के पुजारी कुशला नंद लेखवार और रमेश लेखवार ने बताया कि गंगा दशहरा पर्व मां गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार राजा भागीरथ की कठोर तपस्या के बाद इसी दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। वहीं कद्दूखाल में लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी के साथ स्थानीय व्यंजनों, पकौड़ी और जलेबियों का आनंद लिया। पूरे क्षेत्र में गंगा दशहरा पर्व को लेकर उत्साह, श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा।

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