
टनकपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार से भारत की आध्यात्मिक पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह यात्रा चम्पावत सहित सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति दे रही है। राज्य सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट इंतजामों के बीच ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं का पहला जत्था अपनी पवित्र यात्रा के लिए आगे बढ़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का सशक्त प्रतीक है। भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही इस पवित्र यात्रा का अवसर प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना श्रद्धा, संयम और धैर्य के साथ करना चाहिए, क्योंकि शिव में अटूट विश्वास हर कठिनाई को सरल बना देता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर स्वागत किया तथा उनसे आत्मीय संवाद भी किया। कार्यक्रम में पारंपरिक छोलिया नृत्य की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही, जबकि पुलिस ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास का भी सशक्त माध्यम बन रही है। इससे चम्पावत सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन, हस्तशिल्प और स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की खरीद कर सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का भी आग्रह किया।
इससे पहले शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का देवभूमि की परंपरा के अनुरूप पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं और छोलिया नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
यात्रियों ने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे अनिल कुमार जैन ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षा, आवास और यात्रा प्रबंधन के उत्कृष्ट इंतजाम किए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालित हो रही है। इससे चम्पावत को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिली है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच पहले दल की रवानगी के साथ पूरे टनकपुर में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।



