उत्तराखंड की नई खेल नीति राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के अनुरूप होगी, सीएम धामी ने दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड की नई खेल नीति अब केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तर्ज पर तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई नीति में खिलाड़ियों के हितों, आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे और प्रतिभा विकास को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के भीतर आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने और उन्हें अधिकतम खेल विभाग में ही नियुक्त करने की कार्ययोजना बनाने को कहा गया है ताकि उनके अनुभव का लाभ नए खिलाड़ियों को मिल सके।
सीएम ने कहा कि सरकारी नौकरी पाने वाले अधिकतम खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति देने की कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि उनका अनुभव प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में भी काम आ सके। बैठक में बताया गया कि अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है।
बैठक में सीएम ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित खेल परिसरों और अन्य बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून, गोलापार, रुद्रपुर, टिहरी, हरिद्वार और पिथौरागढ़ के खेल परिसरों का अधिकतम उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए सुनिश्चित करने को कहा।
सीएम ने 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी अभी से शुरू करने, विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने तथा खेल संघों के सहयोग से प्रतिभा चयन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने “एक जिला-एक खेल” योजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को संबंधित खेल की नर्सरी के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, संयुक्त निदेशक शक्ति सिंह, उप निदेशक नीरज गुप्ता, सहायक निदेशक राजेश ममंगाई एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
धामी ने अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गोलापार (हल्द्वानी) में आगामी माह से शैक्षणिक सत्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया, कोच, कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति में तेजी लाने को कहा। विश्वविद्यालय में सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, अनुसंधान केंद्र, शूटिंग रेंज, बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल और हॉकी मैदान, आठ लेन एथलेटिक्स ट्रैक सहित 39 आधुनिक अवसंरचना घटकों का विकास किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि “एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम” योजना के तहत अब तक 48 मिनी स्टेडियम बन चुके हैं, जबकि 10 का निर्माण जारी है। इसके अलावा भारत के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट का निर्माण और प्रवेश प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि देश की अग्रणी खेलभूमि के रूप में स्थापित करना है।



