एमडीडीए ने संवारा हरिपुर कालसी का यमुना घाट, धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन को भी मिलेंगे नए आयाम

Dehradun, 18 September, 2026। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना घाट का कायाकल्प कर उसे एक व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप प्रदान किया है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अनुसार, इस नए घाट के विकास से श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को सम्मान मिलने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। घाट पर सुरक्षा के लिए 300 मीटर लंबी एसएस रेलिंग, 25 सोलर लाइटें, पेयजल व्यवस्था, बेंच, शेड तथा महिला-पुरुषों के लिए चेंजिंग रूम की आधुनिक सुविधाएं तैयार की गई हैं। इसके अलावा, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि घाट के सुदृढ़ीकरण से अब हरिपुर तट पर प्रतिदिन यमुना आरती के आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले इस क्षेत्र में विकसित आधारभूत ढांचा स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी विस्तार देने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि घाट पर रात में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए 25 सोलर लाइटें लगाई गई हैं।
सौंदर्यीकरण के लिए प्लांटर्स और आगंतुकों के बैठने के लिए शेड के साथ 12 बेंच स्थापित की गई हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय और चेंजिंग रूम का रेनोवेशन किया गया है। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए वाटर स्पाउट की व्यवस्था की गई है। नदी किनारे सुरक्षा के लिए करीब 300 मीटर लंबी एसएस रेलिंग और एसएस चेन लगाई गई है। जिससे स्नान करने में आसानी हो सके।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि रोजाना आरती के लिए तट तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि हरिपुर कालसी का यमुना तट लंबे समय से धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। यहां पहले साप्ताहिक रूप से मां यमुना की आरती होती रही है। नए घाट के विकसित होने से अब प्रतिदिन आरती के आयोजन के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं।



