फिल्म शूटिंग का हब बनता उत्तराखंड: मसूरी-नैनीताल में चमक रहे सितारे, पर्यटन और रोजगार को मिल रही नई रफ्तार

Dehradun, 18 October, 2026। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और शांत पहाड़ी परिवेश अब देश के बड़े फिल्म निर्माताओं को तेजी से आकर्षित कर रहा है। मसूरी और लैंढौर में अक्षय कुमार और नैनीताल में जाह्नवी कपूर जैसे सितारों की मौजूदगी से राज्य में फिल्म गतिविधियों को नया आयाम मिला है। ‘उत्तराखंड फिल्म नीति 2024’ और सिंगल विंडो क्लियरेंस जैसी आसान व्यवस्थाओं के जरिए सरकार का उद्देश्य राज्य को एक प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। फिल्मों की इस चमक-धमक से न केवल वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हो रही है, बल्कि पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए द्वार भी खुल रहे हैं।
फिल्मों के जरिए उत्तराखंड के पहाड़, झीलें, ऐतिहासिक स्थल और स्थानीय संस्कृति देश-दुनिया के दर्शकों तक पहुंच सकती है। इससे भविष्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिल्म निर्माण के लिए अपार संभावनाएं रखता है। राज्य सरकार की प्राथमिकता उत्तराखंड को प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए फिल्म निर्माताओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने, अनुमति प्रक्रिया सरल बनाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने पर ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, फिल्म शूटिंग से केवल पर्यटन स्थलों को पहचान नहीं मिलती, बल्कि स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, युवाओं, होटल कारोबारियों और परिवहन संचालकों को भी काम के अवसर मिलते हैं।
प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के तहत अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था के माध्यम से शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का प्रयास है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सात दिनों में शूटिंग की अनुमति देने की व्यवस्था फिल्म निर्माताओं के लिए सहायक मानी जा रही है।
फिल्म यूनिटों के पहुंचने से होटल, होमस्टे, परिवहन, खान-पान और अन्य स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ सकती है। वहीं, स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद भी राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को फिल्मों के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने के लिए काम कर रही है।
बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से प्रदेश में फिल्म पर्यटन को नई दिशा मिलने की संभावनाएं हैं। हालांकि, इसका वास्तविक आर्थिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थानीय लोगों और व्यवसायों को इन गतिविधियों से कितने अवसर मिलते हैं।



