देहरादून में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर डीएम का डंडा, रिन्यूअल के लिए पूरी करनी होगी ‘अग्निपरीक्षा’

देहरादून। दून में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जनसुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों की अब खैर नहीं है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में संचालित और प्रस्तावित सभी केंद्रों के लिए कड़े तेवर अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानकों की अनदेखी करने वाले सेंटरों को तत्काल सील कर दिया जाएगा। डीएम ने दो टूक कहा है कि पंजीकरण या नवीनीकरण (रिन्यूअल) केवल उन्हीं केंद्रों को मिलेगा, जो सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों पर 100% खरे उतरेंगे। पिछले छह महीनों से जारी गहन जांच अभियान के बाद प्रशासन ने अब पीसीपीएनडीटी अधिनियम, क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट और फायर सुरक्षा जैसे कड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
डीएम सविन बंसल ने जिले में संचालित और प्रस्तावित सभी अल्ट्रासाउंड एवं रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण तथा नवीनीकरण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी सेंटर का संचालन तब तक नहीं किया जा सकेगा जब तक वह निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूर्णतः पूरा न कर ले। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से प्रशासन द्वारा इन केंद्रों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस सख्ती का सीधा संदेश है कि मानकों की अनदेखी करने वाले केंद्रों को अब संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।
कहा कि केवल उन्हीं सेंटरों को नया पंजीकरण या नवीनीकरण दिया जा रहा है, जो सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों पर खरे उतर रहे हैं। प्रशासन के जारी निर्देशों के अनुसार सभी केंद्रों को अधिनियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 का सभी अस्पतालों और सेंटरों को इस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्य करना होगा। पीसीपीएनडीटी अधिनियम का अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लिए कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए बने इस कानून का पालन अनिवार्य है। बंसल ने कहा है कि बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवेदनों की जांच के दौरान भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्निशमन फायर सैफ्टी प्रमाण पत्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी की गहनता से जांच की जाए। स्वच्छता एवं सुरक्षा के लिए केंद्र में स्वच्छता और भवन की मजबूती के पुख्ता इंतजाम आवश्यक है। अग्नि सुरक्षा के लिए सक्षम विभाग द्वारा जारी वैध फायर सेफ्टी’ सर्टिफिकेट अनिवार्य है। कचरा निस्तारण के लिए बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति जरूरी है।



