उत्तराखंड
टनल आधारित होगा उत्तराखंड का भविष्य

देहरादून: उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि अब राज्य में भूस्खलन (Landslide) की चुनौतियों से निपटने के लिए ‘टनल आधारित’ इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए सरकार लैंडस्लाइड जोन के स्थाई उपचार हेतु 4300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।
नितिन गडकरी ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि हरिद्वार सिक्स-लेन हाईवे का उद्घाटन इसी साल मई में किया जाएगा। इसके साथ ही, राजधानी देहरादून में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए झाझरा से आशारोड़ी तक नई एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-हरिद्वार के लिए ग्रीनफील्ड बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर मुहर लगा दी गई है।
- झाझरा से आशारोड़ी तक बनेगी एलिवेटे रोड: देहरादून के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि झाझरा से देहरादून तक एलिवेटेड रोड का निर्माण जल्द शुरू होगा, जिससे शहर में जाम की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही देहरादून-मसूरी मार्ग पर बाइपास रोड का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है, जो पर्यटन सीजन में यातायात को सुचारु बनाएगा।
- पौंटा साहिब फोर लेन मार्ग भी जल्द: इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में ट्रेफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जाएगा।



