
Dehradun, 13 September, 2026। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन, चारधाम यात्रा के दबाव और संकरी सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए राज्य सरकार ने आधुनिक पार्किंग नेटवर्क तैयार किया है। आवास विभाग ने पिछले चार वर्षों में 10 पर्वतीय जिलों में कुल 63 पार्किंग परियोजनाओं का काम पूरा कर 4,202 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की है। कम जगह में अधिक वाहनों को खड़ा करने के लिए पारंपरिक पार्किंग की जगह बहुमंजिला और ऑटोमेटेड पार्किंग पर जोर दिया जा रहा है, जिससे पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इन पार्किंग परियोजनाओं में सरफेस पार्किंग के साथ मल्टीलेवल और ऑटोमेटेड पार्किंग को भी शामिल किया गया है। सबसे अधिक 1087 वाहनों की क्षमता अल्मोड़ा में विकसित हुई है।
नैनीताल में 679, चंपावत में 600, उत्तरकाशी में 477, पिथौरागढ़ में 309, रुद्रप्रयाग में 304, पौड़ी में 256, चमोली में 201, टिहरी में 163 और बागेश्वर में 126 वाहनों की पार्किंग संचालित है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर पार्किंग ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। नैनीताल के मेट्रोपोल होटल परिसर में करीब 700 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग निर्माणाधीन है। वहीं कैंची धाम में पांच सौ से अधिक वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग बनाई जा रही है। इन परियोजनाओं से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी सड़क किनारे वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशों के क्रम में प्रदेश में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है। पर्वतीय जनपदों में 63 पार्किंग परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने के बाद पार्किंग की समस्या काफी हद तक हल हो गई है।
उत्तराखंड देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पिछले वर्ष ही छह करोड़ से अधिक लोग यहां पहुंचे हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार लगातार यात्री सुविधाओं का विस्तार कर रही है। जाम की समस्या से निपटने के लिए सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों और चार धाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री



