यमुनोत्री हाईवे के 10 संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों का होगा स्थायी उपचार, टीएचडीसी तैयार करेगी डीपीआर

Uttarakashi, 11 September, 2026। चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए यमुनोत्री हाईवे (NH-94 और 507) के चौड़ीकरण और संवेदनशील क्षेत्रों के स्थायी उपचार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) विभाग के चीफ इंजीनियर रणजीत सिंह रावत के स्थलीय निरीक्षण के बाद पालीगाड़ से जानकीचट्टी के बीच चिह्नित 10 भूस्खलन प्रभावित प्वाइंटों के स्थायी समाधान के लिए टीएचडीसी (THDC) से डीपीआर तैयार कराने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही सारीगाड़ में क्षतिग्रस्त कंडारी मोटर मार्ग की मरम्मत और नौगांव-सौली सिंकिंग जोन के लिए भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर तकनीकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एनएच के चीफ इंजीनियर रणजीत सिंह रावत ने अधिकारियों के साथ हाईवे चौड़ीकरण के विभिन्न कार्यों का जायजा लेने के साथ निर्माण की प्रगति की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही यात्रा मार्ग पर आवाजाही करने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने चौड़ीकरण कार्य में आ रही दिक्कतों और अलग-अलग स्थानों पर कार्य की प्रगति से चीफ इंजीनियर को अवगत कराया। उन्होंने पालीगाड़ से जानकीचट्टी के बीच चिह्नित 10 भूस्खलन एवं संवेदनशील स्थानों के स्थायी उपचार का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। अधिकारियों के अनुसार इन स्थानों पर बार-बार होने वाली समस्या से निजात दिलाने के लिए टीएचडीसी से वार्ता चल रही है।
टीएचडीसी की ओर से सभी चिह्नित प्वाइंटों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके बाद तकनीकी परीक्षण और प्रस्ताव के आधार पर स्थायी उपचार के कार्य शुरू किए जाएंगे। चीफ इंजीनियर ने अधिकारियों को सभी कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखने, निर्माण की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने और काम को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों का स्थायी उपचार होने से भविष्य में यात्रा के दौरान सड़क बाधित होने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। हाईवे चौड़ीकरण के चलते प्रभावित हुए संपर्क मार्गों को लेकर भी विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। सारीगाड़ में चौड़ीकरण कार्य से प्रभावित कंडारी मोटर मार्ग की मरम्मत के लिए पीएमजीएसवाई को पत्र भेजा गया है। सड़क की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
एस्टीमेट स्वीकृत होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कराया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों और अन्य वाहन चालकों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, नौगांव-सौली के सिंकिंग जोन की समस्या का समाधान भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद तय होगा। इस क्षेत्र में सड़क धंसने की स्थिति को देखते हुए विभाग रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट के आधार पर यहां आवश्यक तकनीकी उपचार और निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।



