एलिवेटेड रोड पर बढ़ेगी सुरक्षा, 12 किमी के दायरे में लगेंगे 16 हाई-टेक स्पीड कैमरे

देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब रफ्तार का रोमांच सुरक्षा के कड़े पहरे में होगा। गणेशपुर से डाटकाली के बीच बने 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को ‘हाईटेक सुरक्षा कवच’ से लैस कर दिया गया है। सफर को सुरक्षित बनाने के लिए यहाँ 16 अत्याधुनिक स्पीड डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं, जो न केवल वाहनों की गति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेंगे, बल्कि यातायात नियमों को तोड़ने वालों का ‘डिजिटल हिसाब’ भी चुकता करेंगे। ये अत्याधुनिक कैमरे सीधे कंट्रोल रूम और परिवहन विभाग के मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़े हैं। जैसे ही कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक चलता है, उसकी जानकारी तुरंत रिकॉर्ड हो जाती है और संबंधित वाहन का ई-चालान स्वतः जारी किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप बेहद कम रहेगा, जिससे पारदर्शिता और सख्ती दोनों सुनिश्चित होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
एक्सप्रेसवे पर छोटे वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि भारी वाहनों के लिए यह सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। संवेदनशील मोड़ों और ढलानों पर यह सीमा और कम कर दी गई है, जिसके स्पष्ट संकेतक भी लगाए गए हैं। 16 कैमरों की यह व्यवस्था पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर को कवर करती है, जिससे ओवरस्पीडिंग पर पूरी तरह नियंत्रण संभव होगा।
12 मोबाइल टावरों से कनेक्टिविटी भी मजबूत: सिर्फ निगरानी ही नहीं, बल्कि इस एक्सप्रेसवे को तकनीकी रूप से भी मजबूत बनाया गया है। पूरे मार्ग पर 12 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं, जिससे नेटवर्क कनेक्टिविटी निर्बाध बनी रहेगी और कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग में कोई बाधा नहीं आएगी। यह सुविधा पुराने राजमार्गों की तुलना में बड़ा सुधार मानी जा रही है।
ले-बाय, एंबुलेंस और क्रेन की भी सुविधा: यात्रियों की सुरक्षा के लिए ले-बाय, पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और क्रेन जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा समय घटाएगा, बल्कि सुरक्षित और स्मार्ट ड्राइविंग का नया मानक भी स्थापित करेगा।



