
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भारी भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब श्रद्धालु 1100 रुपये का निर्धारित शुल्क देकर ‘सुगम दर्शन’ सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस कदम से न केवल वीआईपी संस्कृति पर अंकुश लगेगा, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने की परेशानी से भी बड़ी राहत मिलेगी।बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने एसओपी जारी करते हुए कहा कि शुल्क जमा करने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित समय के भीतर दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने की समस्या कम होने की उम्मीद है।
विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और अस्वस्थ यात्रियों को इस व्यवस्था से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से धाम में दर्शन प्रबंधन अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगा। साथ ही अनावश्यक भीड़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा इस कदम को केदारनाथ धाम में लंबे समय से चर्चा का विषय रही वीआईपी संस्कृति पर अंकुश लगाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब किसी प्रकार की सिफारिश या दबाव के बजाय निर्धारित नियमों और शुल्क के आधार पर सुगम दर्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी।



