
देहरादून। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को और सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सिरसी-केदारनाथ रूट के लिए टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू होने जा रही है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने शासन के इस फैसले के बाद अवशेष रूट पर नए ऑपरेटर के चयन की तैयारियां तेज कर दी हैं।दरअसल, मई में केदारनाथ धाम के लिए कुल नौ हेली रूटों पर निविदा जारी की गई थी। इनमें से आठ रूटों पर हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों का चयन कर लिया गया। लेकिन सिरसी सेक्टर के लिए किसी भी ऑपरेटर का चयन नहीं हो सका।
सीईओ के अनुसार इस रूट पर शटल सेवा संचालित करने के लिए पवन हंस रुचि दिखाई थी और नामांकन भी किया था। इसके बाद शासन को छह अप्रैल को पत्र भेजकर अवशेष रूट पर पुनः निविदा आमंत्रित करने का अनुरोध किया गया था। यूकाडा ने शासन को अवगत कराया है कि सिरसी–केदारनाथ रूट पर प्रति यात्री किराया 3,043 रुपये पहले से निर्धारित है तथा अन्य ऑपरेटर भी इसी दर पर सेवाएं संचालित कर रहे हैं।
ऐसे में यदि नए सिरे से अलग दर तय कर ऑपरेटर का चयन किया जाता है तो एक ही सेक्टर में दो अलग-अलग किराये लागू होने की स्थिति बन सकती है। जिससे तीर्थयात्रियों के बीच भ्रम और असमंजस पैदा होने की आशंका रहेगी। इसी को देखते हुए यूकाडा ने प्रावधानों के तहत तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर सिरसी रूट के लिए हेलीकॉप्टर ऑपरेटर का चयन करने की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। इससे सभी ऑपरेटरों के लिए समान किराया व्यवस्था बनाए रखने और यात्रियों को बिना किसी भ्रम के हेली सेवा उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।



