
पुरोला, चन्द्र भूषण बिजल्वाण, 30 September, 2026। सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र गुवाहाटी मे है। यह भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है, जिसकी स्थापना मई 1979 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। यह शिक्षकों को सांस्कृतिक प्रशिक्षण प्रदान करता है, गुवाहाटी, असम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत आयोजित 15-दिवसीय पुतली कला कार्यशाला (8 सितंबर से 22 सितंबर 2026) में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिली। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) देहरादून द्वारा भेजे गए 8 शिक्षकों के दल ने अपनी कला से पूर्वोत्तर की धरा पर देवभूमि का मान बढ़ाया।
कार्यशाला के दौरान उत्तराखंडी शिक्षकों ने राज्य की विविध लोक कलाओं—गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और रवाल्टी—का ऐसा सजीव प्रदर्शन प्रस्तुत किया कि मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों और देश के 14 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। 15 दिवसीय गहन प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्तर के संदर्भदाताओं द्वारा शिक्षकों को शिक्षण में पुतली कला के प्रयोग की बारीकियां सिखाई गईं: फिंगर पपेट (अंगुली पुतली),शैडो पपेट (छाया पुतली),रोड पपेट (छड़ पुतली)
ग्लव्स पपेट (दस्ताना पुतली),शैक्षणिक नाट्य रूपांतरण से शिक्षण की बारिकियों का प्रयोग सीखने देखने का अवसर मिला ।
प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतिभागियों ने असम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का अनुभव भी प्राप्त किया। शिक्षकों ने प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर, बालाजी मंदिर, असम स्टेट चिड़ियाघर और असम के महान कवि, संगीतकार व फिल्मकार डॉ. भूपेन हजारिका लोक कला संस्कृति केंद्र का भ्रमण कर असमिया संस्कृति को करीब से जाना। इस राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड के शिक्षण अधिगम सामग्री का छात्रों के साथ खेल खेल मे शिक्षण के अभिनव प्रयोग एवं उत्तराखंड के गढवाल , कुमाऊं की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का परचम लहराने वाले शिक्षक:डॉ. हेमवती नंदन भट्ट – राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय लोहारी, चकराता (देहरादून),डॉ. जगदीश सिंह रावत – पीएम श्री राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़कोट, नौगांव (उत्तरकाशी),श्री दीपक रावत – राजकीय प्राथमिक विद्यालय गौंडार, ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग), श्रीमती सीमा गौड़ – राजकीय प्राथमिक विद्यालय साल, ओखलकांडा (नैनीताल),श्रीमती नंदिता रमोला परमार – राजकीय प्राथमिक विद्यालय समोली, रायपुर (देहरादून)।
श्री कमल किशोर आर्य – राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढूंगी, द्वाराहाट (अल्मोड़ा),कु. सोनाली राजपूत – राजकीय प्राथमिक विद्यालय पावटी, भगवानपुर (हरिद्वार),श्रीमती रिया राजपूत – राजकीय प्राथमिक विद्यालय गजार, बेतालघाट (नैनीताल) इस शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम की प्रसंशा करते हुए टीम के सदस्य डाॅ. जगदीश सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमो से विभिन्न राज्यों की शैक्षणिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृति देखने सीखने का अवसर मिलता है । जिन प्रतिभागियों ने वहां पर प्रतिभाग किया ।वे सभी अपने अपने क्षेत्र के विद्यालयों के छात्रों तक इस शैक्षिक भ्रमण की गतिविधियों का लाभ पहुंचायेगे ।
उत्तराखंड की संस्कृति, खान -पान, बोली -भाषा कोसांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र गुवाहाटी मे सुन्दर प्रेरणादायक प्रस्तुति देने पर निदेशक एस सी ई आर टी वंदना गबर्याल,अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी , विनोद प्रसाद सेमल्टी निदेशक माध्यमिक शिक्षा,
अमित कोटियाल मुख्य शिक्षा अधिकारी/ जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा. शि.), शेलेन्द्र अमोली जिला शिक्षा अधिकारी (मा0 शि0) उत्तरकाशी, सौरभ पाण्डे खण्ड शिक्षा अधिकारी /उप शिक्षा अधिकारी नौगांव, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल , यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश, जिला व ब्लॉक पदाधिकारियों सहित समस्त जन प्रतिनिधियों ,शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने सभी उत्तराखंड से प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।



