हिमस्खलन: दारमा घाटी मार्ग बंद, 10 यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू

पिथौरागढ़। उत्तराखण्ड के उच्च हिमालयी क्षेत्र दारमा घाटी में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही भारी बर्फबारी के बीच धारचूला-सोबला-ढाकर मोटर मार्ग पर बॉलिंग के समीप भीषण हिमस्खलन (एवलांच) होने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। इस बर्फीली आफत के बीच उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के 10 यात्री रास्ते में ही फंस गए, जिन्हें जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर होमस्टे और होटलों में शिफ्ट किया है। फिलहाल, सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच मार्ग बहाल करने की चुनौती से जूझ रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छंगला और गंगबेनाती नालों के पास ग्लेशियर खिसकने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई, जिससे आवाजाही ठप हो गई। इसी दौरान दारमा घाटी की ओर जा रहे उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के 10 यात्री रास्ते में फंस गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उन्हें नजदीकी होमस्टे और होटलों में ठहराया गया है, जहां भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और प्रशासन उनकी लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम को मार्ग खोलने के लिए लगाया गया है। मौसम में सुधार होते ही सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जाएगा, और उम्मीद है कि दोपहर तक यातायात सामान्य किया जा सकेगा।



