पीएनजी विस्तार: सभी जिलों को कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश

Dehradun, 25 August, 2026। उत्तराखंड में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी 13 जिलों में गैस कंपनियों को अपनी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सड़कों की बार-बार होने वाली खुदाई को रोकने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया गया है, ताकि नई सड़कों के निर्माण से पहले ही पीएनजी लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही, आगामी हरिद्वार कुंभ से पूर्व पीएनजी से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की स्पष्ट समयसीमा तय की गई है। मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में एक ही सड़क को बार-बार खोदने की स्थिति न बने, इसके लिए विभिन्न विभागों और गैस एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने बारिश का मौसम समाप्त होने और सड़क खुदाई की अनुमति मिलने के बाद पाइपलाइन बिछाने का काम युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने भारत सरकार की गोवर्धन योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने के लिए भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव रूचि मोहन रयाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, आयुक्त खाद्य एवं आपूर्ति बीएल राणा, अपर आयुक्त पीएस पांगती समेत जिलाधिकारी और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। हरिद्वार में कुंभ से पहले पीएनजी से जुड़े सभी जरूरी कार्य पूरे करने को प्राथमिकता दी गई है। मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों को इसके लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने और उसी के अनुरूप काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। प्रत्येक एजेंसी को परियोजना पूरी होने तक की विस्तृत टाइमलाइन तैयार करनी होगी। साथ ही हर सप्ताह के लक्ष्य तय कर साप्ताहिक प्रगति के आधार पर कार्यों की निगरानी की जाएगी।
पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में भूमि से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए आपूर्ति विभाग को गैस कंपनियों के लिए भूमि आवंटन, किराये और लीज से संबंधित स्पष्ट नीति शीघ्र तैयार करने को कहा गया है। इसमें रोड कटिंग और रोड डिगिंग से संबंधित प्रावधान भी शामिल किए जाएंगे। सड़क या अन्य सार्वजनिक परिसंपत्ति की खुदाई के बाद उसे निर्धारित शर्तों के अनुसार जल्द पूर्व स्वरूप में लाना भी एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी।



