उत्तराखंड में मर्यादा और मूल पहचान के साथ होगा तीर्थस्थलों का आधुनिक विकास

Haridwar, 23 august, 2023। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि उत्तराखंड की धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और देवभूमि के मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। भूपतवाला में सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तीर्थस्थलों का आधुनिक विकास उनकी पवित्रता और सांस्कृतिक मर्यादा को बनाए रखकर ही किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने धार्मिक स्थलों के कायाकल्प, हरिद्वार-ऋषिकेश में कॉरिडोर निर्माण, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई और देहरादून में स्थापित ‘हिंदू अध्ययन केंद्र’ के माध्यम से सनातन संस्कृति एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने की सरकारी प्रतिबद्धता दोहराई।
शनिवार को मुख्यमंत्री ने श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला में सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने सतगुरु लाल दास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर आध्यात्मिकता, सेवा, सत्य और भक्ति का संदेश दिया। उनकी शिक्षाओं ने समाज को जोड़ने और मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने की प्रेरणा दी। कहा कि संत समाज ने हमेशा धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संतों और आचार्यों का मार्गदर्शन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ बेहतर राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि देश में सनातन धार्मिक संस्कृति के पुनर्जागरण का स्वर्णिम काल चल रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी कॉरिडोर और उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में सतगुरु चेतनानंद जी भूरी वाले ने बताया कि संस्था पिछले 57 वर्षों से अखंड भोजन और गरीबों की सेवा का कार्य कर रही है। कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
धामी ने कहा कि हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश कॉरिडोर, आस्था पथ तथा शारदा और यमुना तटों के विकास की योजनाएं भी आगे बढ़ रही हैं। सरकार चाहती है कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण मिले। इसी के साथ देवभूमि के मूल स्वरूप और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए अवैध निर्माण तथा संस्कृति और सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है, जहां धर्म और संस्कृति के साथ ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन, शोध और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से उत्तराखंड के दशक की बात कही थी। सरकार धर्म, विकास, नवाचार और ज्ञान के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर तथा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल,जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा,राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति,ओमप्रकाश जमदग्नि,प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, आशु चौधरी,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोभाल,एसपी ट्रैफिक निशा यादव,अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी,उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा,सचिव एचआरडीए प्रत्यूष सिंह,साधु संत सहित विभिन्न प्रदेशों से आए भक्तगण मौजूद रहे।



