
Dehradun, 22 August, 2026। भारत और नेपाल ने सीमा पर अवैध अतिक्रमण हटाने और सीमा पिलरों की नियमित निगरानी करने पर सहमति जताई है, ताकि सीमांकन की पवित्रता बनी रहे। देहरादून में आयोजित दो दिवसीय भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह (JWG) की बैठक में सीमा पार अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने, आपसी समन्वय बढ़ाने और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) समेत सड़क व रेल नेटवर्क जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। शुक्रवार को देहरादून में भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह (जेडब्लूजी) की बैठक के दूसरे दिन कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस दौरान सीमा पार होने वाले अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आपसी समन्वय मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन से जुड़े तंत्र को और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव (बीएम-1) पौसुमी बसु ने किया, जबकि नेपाली प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले ने की। दोनों देशों ने संस्थागत समन्वय और क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
बैठक में तय हुआ कि संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक नेपाल में आपसी सहमति से निर्धारित तिथि पर होगी। इससे सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच नियमित संवाद जारी रहने की उम्मीद है। साथ ही सीमा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी), सड़क और रेल नेटवर्क के बेहतर इस्तेमाल तथा इनके प्रभावी संचालन को लेकर दोनों पक्षों ने विचार साझा किए। माना गया कि मजबूत आधारभूत ढांचा सीमा सुरक्षा के साथ दोनों देशों के बीच आवागमन और व्यापार को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा।



