स्वास्थ्य सेवा में नई पहल: उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के लिए बनेंगे ‘बर्थ वेटिंग होम’, मिलेगी हेली एंबुलेंस सुविधा

Khatima, 06 October, 2026। उत्तराखंड केकी।पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव सुविधा देने के लिए प्रदेश सरकार ‘बर्थ वेटिंग होम’ की व्यवस्था करने जा रही है। खटीमा के आंगनबाड़ी केंद्र गोसीकुआ भुड़ाई में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि प्रसव की संभावित तिथि से पहले महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों के समीप ठहराया जाएगा और आपात स्थिति के लिए हेली एंबुलेंस की मदद ली जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराने के साथ ही लाभार्थियों को पौष्टिक आहार व महालक्ष्मी किट भी वितरित की।मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म निभाई। उन्होंने 10 महिलाओं को पौष्टिक आहार किट और 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की। इसके अलावा पांच बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाली आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना और महालक्ष्मी किट जैसी योजनाओं से महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका केवल पोषण सामग्री वितरित करने तक सीमित नहीं है। ये केंद्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला तैयार करते हैं। सरकार आंगनबाड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।



