सुरक्षित भविष्य की उम्मीद, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर छात्र

Pauri (Satpuli), 21 August, 2026। उत्तराखंड के विकासखंड जयहरीखाल स्थित राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज थल्दा जाने वाले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचना पड़ रहा है। बिसगढ़ी गदेरे पर बनी डाट पुलिया पिछले तीन सालों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे बरसात के दिनों में उफनते गदेरे को पार करना एक जानलेवा चुनौती बन जाता है। प्रशासनिक उपेक्षा और शिकायतों की अनदेखी के चलते अभिभावक और ग्रामीण किसी बड़े हादसे की आशंका से सहमे हुए हैं। बिसगढ़ी गदेरे में बनी डाट पुलिया जून 2023 में पहली बार क्षतिग्रस्त हुई थी। इसके बाद विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने श्रमदान कर इसकी मरम्मत की थी।
ग्रामीणों की इस पहल से कुछ समय के लिए रास्ता चलने लायक हो गया, लेकिन अगले ही साल वर्ष 2024 में हुई अत्यधिक बारिश और तेज जलप्रवाह ने पुलिया को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। तब से लेकर अब तक विद्यालय आने-जाने के लिए विद्यार्थियों को कोई सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिल सकी है। सामान्य दिनों में गदेरे में पानी कम होने पर छात्र किसी तरह पत्थरों और उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर दूसरी तरफ पहुंच जाते हैं। लेकिन बारिश के दौरान पहाड़ी गदेरों का पानी अचानक बढ़ जाता है। तेज बहाव के बीच गदेरा पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
फिसलन और पानी के तेज वेग के कारण किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सबसे ज्यादा चिंता छोटे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है। बारिश के दौरान स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को कदम-कदम पर संभलकर आगे बढ़ना पड़ता है। अभिभावकों को भी हर दिन यह डर बना रहता है कि पढ़ाई के लिए घर से निकला उनका बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंचेगा या नहीं। शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों को भी इसी असुरक्षित रास्ते से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। विद्यालय प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए शिक्षा विभाग और स्थानीय पंचायत के जनप्रतिनिधियों से कई बार संपर्क किया गया।
प्रधानाचार्य दीप्तेश सहगल ने बताया कि पुलिया टूटने के बाद उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी जयहरीखाल सहित स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी थी। इसके बावजूद अभी तक पुलिया निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिया के अभाव में न केवल विद्यालय पहुंचने में समय और परेशानी बढ़ रही है, बल्कि बरसात में विद्यार्थियों की सुरक्षा भी गंभीर सवाल बन गई है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना जल्द सुरक्षित पुलिया का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए स्कूल भेजा जा रहा है, लेकिन स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही उनके जीवन के लिए खतरा बना हुआ है।



