भारत-नेपाल सीमा विवाद सुलझाने को मंथन, ऐतिहासिक नक्शों और ड्रोन तकनीक से निकलेगा रास्ता

Dehradun, 21 August, 2026। भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद को सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए देहरादून में दो दिवसीय सचिव स्तरीय वार्ता शुरू हुई है। भारतीय सेना अध्यक्ष की हालिया नेपाल यात्रा के बाद आयोजित इस बैठक में दोनों देश ऐतिहासिक अभिलेखों, पुराने नक्शों और आधुनिक ड्रोन सर्वे के जरिए सीमा निर्धारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि सुरक्षा चुनौतियों से निपटते हुए रिश्तों में नया सुधार लाया जा सके। गुरुवार को देहरादून में दोनों देशों के सचिव स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच दो दिवसीय बातचीत शुरू हुई।
भारतीय दल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु कर रही हैं, जबकि नेपाली प्रतिनिधिमंडल की कमान गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले के हाथों में है। सूत्रों के अनुसार दोनों दोनों दलों के बीच दोस्ताना माहौल में बातचीत चल रही है। बैठक में सीमा निर्धारण से जुड़े पुराने दस्तावेजों और नक्शों का अध्ययन किया जा रहा है। सर्वे ऑफ इंडिया के पुराने मानचित्रों के साथ ब्रिटिशकालीन नक्शों और अभिलेखों को खंगाला जा रहा है। इन दस्तावेजों के जरिए यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि ऐतिहासिक दौर में सीमा का स्वरूप क्या था और संबंधित क्षेत्रों का प्रशासनिक नियंत्रण किस तरह रहा। विवादों को केवल पुराने दस्तावेजों तक सीमित न रखते हुए तकनीक की मदद से वर्तमान स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है। लखनऊ में हुई पिछली बैठक में सीमाई क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ड्रोन सर्वे और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सहमति बनी थी।
देहरादून में इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो रही है। भारत-नेपाल की खुली सीमा दोनों देशों के रिश्तों की खास पहचान है, लेकिन इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर तस्करी, घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती है। बैठक में सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हो रही है।



