उत्तराखंड

देवीधुरा में बग्वाल मेला: मां वाराही परिसर में 8 मिनट तक चला फल-फूलों का अनूठा युद्ध

Champawat, 29 August, 2026। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध मां वाराही मंदिर परिसर, देवीधुरा में इस वर्ष भी विश्व प्रसिद्ध बग्वाल मेला पूरे धार्मिक उल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सदियों पुरानी इस ऐतिहासिक परंपरा को निभाते हुए चार खाम और सात थोक के रणबांकुरों ने हाथों में लाठी और फर्रे लेकर करीब आठ मिनट तक एक-दूसरे पर फल और फूलों की बौछार की। इस अलौकिक और विहंगम दृश्य का आनंद लेने तथा मां वाराही के दर्शन के लिए सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक देवीधुरा पहुंचे। सुबह से ही चार खाम और सात थोक के युवा, बच्चे और बुजुर्ग देवीधुरा पहुंचने लगे थे।

रणबांकुरों ने हाथों में लाठी और फर्रे लेकर मां वाराही शक्तिपीठ की परिक्रमा की। इसके बाद परंपरा के अनुसार बग्वाल खेलने की अनुमति मिलने का इंतजार किया गया। अनुमति मिलते ही दोपहर 1:48 बजे बग्वाल शुरू हुई। इसके साथ ही दोनों ओर से फल और फूलों की जमकर बौछार शुरू हो गई। रणबांकुरे पूरे उत्साह और जोश के साथ एक-दूसरे पर फल-फूल बरसाते रहे। करीब 1:56 बजे, यानी आठ मिनट बाद बग्वाल समाप्त हुई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जयकारों और उत्साह से गूंजता रहा। बग्वाल देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मैदान, घरों की छतों और आसपास उपलब्ध स्थानों पर जमा रहे। बग्वाल संपन्न होने के बाद रणबांकुरों और श्रद्धालुओं ने मां वाराही मंदिर में पहुंचकर मत्था टेका और पूजा-अर्चना की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button