उत्तराखंड

धामी का कड़ा संदेश: वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए अब जंगलों में नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए काम

नैनीताल। उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को हल्द्वानी सर्किट हाउस में नैनीताल जिले के आला अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के साथ टकराव रोकने के लिए अब जोखिम नहीं लिया जा सकता। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में तत्काल सोलर फेंसिंग लगाने और वन विभाग व पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के आदेश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना की प्रगति और बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए।

शनिवार को सर्किट हाउस, हल्द्वानी में नैनीताल के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में धामी ने संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग लगाने और वन विभाग व पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए। इसके बाद जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना तराई और भावर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इससे पेयजल समस्या का समाधान, भूजल स्तर में सुधार और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। बैठक में उन्होंने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के प्रस्ताव पर जल्द कार्यवाही के निर्देश दिए । उन्होंने पर्यटन सीजन के मद्देनजर सभी विभागों को समयबद्ध तैयारी करने के निर्देश दिए।

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