दून शहर में रात लगभग पौने आठ बजे अचानक बिजली गुल हो गई थी। बुधवार को शहर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। इसके चलते बिजली की डिमांड बढ़ गई। वैसे सरकार दावा करती रही है कि उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश है और देश में सबसे कम कटौती वाला राज्य है, लेकिन हकीकत बिल्कुल इसके उलट हैं। अस्थायी राजधानी में ही आधे शहर की बिजली रात में दो घंटे से ज्यादा समय तक गुल रही, लेकिन जिम्मेदार अफसर इस समस्या से बचते रहे।
माडल कालोनी निवासी केसर सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार आराघर फीडर को आपूर्ति बहाल के बाबत संपर्क किया, लेकिन संबंधित इंजीनियर सवाल को टालते रहे। हरिद्वार रोड निवासी केके सिंह ने बताया कि कई बार उन्होंने फोन किया पर फोन रिसीव नहीं हुआ। आराघर स्थित ढाबा संचालक किशन कुमार ने बताया कि बिजली गुल होने से बुधवार को उनका पूरा व्यवसाय चौपट हो गया, जबकि हरिद्वार रोड स्थित एक दफ्तर में काम करने वाले गोपाल चंद्र ने बताया तीन बार संबंधित एसडीओ को फोन किया लेकिन वे समस्या का समाधान समय पर हल नहीं कर पाए। इसकी वजह से उनका कार्यालय का काम प्रभावित रहा। उधर, एसडीओ पटेल रोड ने रात आठ बजे बताया कि लाइन में कोई फाल्ट आ गया है, इसका पता लगाया जा रहा है। लेकिन एक लाख से ज्यादा वेतन लेने वाले इंजीनियर इस समस्या का समाधान लगभग दो घंटे हल कर पाए। आधे शहर, डालनवाला, लक्ष्मी रोड, मोहिनी रोड, प्रीतम रोड, ईसी रोड, न्यू रोड, सुभाष रोड, हरिद्वार रोड, रेसकोर्स, आराघर, धर्मपुर आदि क्षेत्रों में बिजली गुल होने से हजारों उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा।
देहरादून के आधे शहर में पूरी रात बिजली की आंख-मिचौली चलती रही, जिससे लोग रात भर परेशान रहे। बिजली गुल होने के कारण तपती गर्मी में न तो पंखे चल सके और न ही एसी-कूलर, जिसकी वजह से लोग गर्मी से बेहाल रहे।