डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को मिला ‘कथा सम्राट सम्मान’, साहित्य अकादमी में जुटा विद्वानों का महाकुंभ

देहरादून। साहित्य अकादमी के सभागार में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को ‘कथा सम्राट सम्मान’ से नवाजा गया है। यह सम्मान हिमालय विरासत ट्रस्ट द्वारा उनकी कहानियों पर केंद्रित साप्ताहिक कार्यक्रम ‘रविवारीय कहानी वार्ता’ के सफल तीन वर्ष पूरे होने और 150 कड़ियों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के उपलक्ष्य में दिया गया। समारोह में देश-विदेश के जाने-माने विद्वानों और साहित्यकारों ने डॉ. निशंक के साहित्यिक योगदान और पहाड़ों के सजीव चित्रण की जमकर सराहना की।
मुख्य अतिथि इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि ‘रविवारीय कहानी वार्ता’ ने साहित्यिक संवाद व वैचारिक आदान-प्रदान को नई ऊर्जा दी है। डॉ. निशंक की कहानियों में पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता के साथ वहां के संघर्ष, पीड़ा व मानवीय संवेदनाओं का सजीव चित्रण दिखाई देता है। विशिष्ट अतिथि साहित्य अकादमी के सचिव प्रो. वरुण कुमार गुलाटी ने कहा कि डॉ. निशंक के साहित्य पर 150 श्रृंखलाओं तक निरंतर चलने वाली यह साहित्यिक यात्रा अपने आप में अद्भुत और ऐतिहासिक है। अध्यक्षता करते हुए कवि पद्मश्री अशोक चक्रधर ने डॉ. निशंक की चर्चित कहानी ‘विपदा जीवित है’ का पाठ किया। कार्यक्रम में वैश्विक हिंदी परिवार के डॉ. अनिल जोशी, डॉ. जवाहर कर्णावत, डॉ. बेचैन कंडियाल, पं. सुरेश नीरव, डॉ. दर्शन पांडे, प्रो. श्रीनिवास त्यागी सहित अनेक विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. वेद प्रकाश ने किया।



