
- एएसआई संरक्षित क्षेत्र में खुदाई पर उठे सवाल
- प्रशासन ने भी शुरू की जांच
डामटा, न्यू भारत लाइव। उत्तराखंड के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले लखामंडल क्षेत्र में अवैध खुदाई के दौरान एक प्राचीन पत्थर की मूर्ति मिलने के बाद प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग में हड़कंप मच गया है। एएसआई के संरक्षित क्षेत्र में भारी मशीनों से की गई खुदाई को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले को संवेदनशील मानते हुए एएसआई ने मूर्ति को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र स्थित लखामंडल में कुछ लोगों द्वारा संरक्षित क्षेत्र के भीतर जेसीबी मशीन से खुदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान जमीन के भीतर से करीब पांच फीट ऊंची प्राचीन पत्थर की मूर्ति निकली। मूर्ति मिलने की सूचना फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहां पहले भी कई पुरातात्विक अवशेष मिल चुके हैं।
लाखामंडल को महाभारत काल से जुड़ा स्थल माना जाता है। मान्यता है कि कौरवों द्वारा पांडवों को जलाने के लिए बनवाया गया लाक्षागृह इसी क्षेत्र में था। यही कारण है कि यह इलाका पुरातत्व और इतिहास के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर और आसपास के अवशेष देशभर के इतिहासकारों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
मामले के सामने आने के बाद शिव मंदिर समिति लाखामंडल ने प्रशासन को शिकायत भेजकर संरक्षित क्षेत्र में हो रही अवैध खुदाई और अतिक्रमण पर कड़ी आपत्ति जताई। समिति ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी कई बार इसी क्षेत्र में अवैध खुदाई की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे यहां की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को नुकसान पहुंचने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
शिव मंदिर समिति की शिकायत पर एसडीएम प्रेमलाल ने मामले की जांच के निर्देश दिए। उनके आदेश पर नायब तहसीलदार चकराता राजेंद्र लाल और क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक सुरेश चंद्र ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। वहीं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
एएसआई के वरिष्ठ सहायक संरक्षक दीपक कुमार ने अधीक्षण पुरातत्वविद् मोहन चंद्र जोशी को अपनी रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में बताया गया कि खुदाई एक मकान की सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य से जुड़ी थी। हालांकि विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं इसके पीछे प्राचीन मूर्तियों या पुरावशेषों की तलाश करने वाला कोई अवैध नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
मूर्ति को एएसआई ने कब्जे में लिया: एएसआई अधिकारियों ने बरामद मूर्ति को सुरक्षित कब्जे में ले लिया है और संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों में भारी नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि लखामंडल जैसे संरक्षित धरोहर स्थल पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।



