
हरिद्वार। दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ऋषिकुल (कश्यप धर्मशाला के मुख्य द्वार के सामने) पिछले कई महीनों से नियमों को ताक पर रखकर एक अवैध मिनी बस अड्डे में तब्दील हो चुका है। स्थानीय विभागों के कथित मौन संरक्षण में चल रहे इस प्राइवेट लग्जरी बसों के नेक्सस ने न केवल पवित्र नगरी की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है, बल्कि यहां दिनभर लगने वाले भीषण जाम, प्रदूषण और बढ़ते हादसों से स्थानीय जनता त्रस्त है। हाल ही में एक महिला की मौत के बाद भी सोए हुए प्रशासन को जगाने और आगामी कांवड़ मेले में होने वाली संभावित अराजकता से बचने के लिए अब स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया है; वहीं मामले पर घिरे एआरटीओ विभाग ने जल्द ही बस माफियाओं के खिलाफ बड़े स्तर पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई का दावा किया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन बसों के संचालक न केवल सड़क घेरकर यात्रियों को चढ़ाते और उतारते हैं, बल्कि बसों से निकलने वाला कूड़ा-कचरा भी हाईवे के किनारे ही फेंक देते हैं। इस वजह से समूचे क्षेत्र में गंदगी और प्रदूषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। हाल ही में इसी जगह पर एक बस को बैक करते समय उसकी चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत भी हो चुकी है। इस बड़े हादसे के बाद भी प्रशासनिक अमला किसी बड़ी त्रासदी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
सूत्रों के मुताबिक, कश्यप धर्मशाला परिसर के भीतर बस बुकिंग सेंटर और कैंटीन की आड़ में कई अवैध खोखे और दुकानें फल फूल रही हैं, जहां से इन निजी बसों का पूरा नेक्सस संचालित होता है। इस पूरे मामले में एआरटीओ विभाग, यातायात पुलिस और जिला प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता का सीधा आरोप है कि अगर यह पूरा खेल नियमों के विपरीत खेला जा रहा है, तो अब तक इतनी बड़ी लापरवाही पर कोई ठोस और स्थाई चाबुक क्यों नहीं चलाया गया।
आगामी कांवड़ मेले के मद्देनजर इस हाईवे पर दबाव कई गुना बढ़ने वाला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध बस अड्डे को यहां से नहीं हटाया गया, तो मेले के दौरान स्थिति बेकाबू हो सकती है। प्रशासन को कांवड़ शुरू होने से पहले इस पूरे नेक्सस पर सख्त एक्शन लेना होगा।
शहर के सबसे व्यस्ततम हाईवे पर महीनों से बिना अनुमति मिनी बस अड्डा चल रहा है, लेकिन यातायात पुलिस और एआरटीओ विभाग अनजान बने बैठे हैं। लोगों का आरोप है कि कश्यप धर्मशाला के पास लगने वाले इस अवैध अड्डे को कुछ रसूखदारों और स्थानीय विभागों का मौन संरक्षण प्राप्त है।
एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि विभाग इस क्षेत्र में पहले भी मुस्तैदी दिखाते हुए 150 से अधिक वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर चुका है। पिछले कुछ समय से मोबाइल वैन की चेकिंग बंद थी, लेकिन अब इसे दोबारा पूरी सक्रियता के साथ शुरू किया जा रहा है। हाईवे पर अवैध रूप से कब्जा करने वाली बसों और नियमों को ठेंगा दिखाने वाले माफियाओं के खिलाफ अब बड़े स्तर पर सख्त दंडात्मक अभियान चलाया जाएगा।



