कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी ने किया बड़ा ऐलान, परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेंगे 2 करोड़

- मुख्यमंत्री ने की कारगिल विजय दिवस पर अनुग्रह राशि बढ़ाने की घोषणा
- कारगिल के शहीदों के परिजनों को सीएम ने किया सम्मानित
देहरादून। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सैनिकों और उनके परिजनों के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए उन्होंने परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों की अनुग्रह राशि 1.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने का ऐलान किया। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जहाँ सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ का गठन किया जाएगा। रविवार को गांधी पार्क, देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री ने पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल युद्ध के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अदम्य पराक्रम और अटूट संकल्प का प्रतीक है। दुर्गम पहाड़ियों और विषम परिस्थितियों में हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं की रक्षा की और तिरंगे का मान बढ़ाया। उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का सैनिक परंपरा से गहरा रिश्ता रहा है। प्रदेश के हजारों युवा भारतीय सेना में सेवा देकर देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी प्रत्येक योजना प्रभावी ढंग से लागू हो। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों का त्याग आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा तथा सरकार उनके सम्मान और हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए लगातार ठोस निर्णय ले रही है।
उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की जा चुकी है। इसके साथ ही विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त और वार्षिक सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार सेवामुक्त अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से सेवामुक्त अग्निवीरों को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग तथा अन्य राज्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने के साथ कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार योजनाओं, होमस्टे योजना और सीमांत क्षेत्रों में विशेष सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।



