उत्तराखंड

देहरादून में बनेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र, सीएम धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला’ का शुभारंभ

Dehradun, 22 August, 2026। उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाने और स्थानीय पहाड़ी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला’ योजना के शुभारंभ अवसर पर देहरादून के आईटी पार्क में एक अत्याधुनिक राज्य स्तरीय विपणन केंद्र (Marketing Center) स्थापित करने का ऐलान किया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी दालों, मसालों, हस्तशिल्प और मंडुवे-झंगोरे जैसे पारंपरिक उत्पादों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ना, महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त करना और गांवों से हो रहे पलायन पर रोक लगाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर फोकस कर रही है।

कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। इसके साथ ही आठ हजार से अधिक महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता तथा आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक और वार्षिक रिपोर्ट समेत कृषि क्लस्टर, बाल आहार तथा एनीमिया रोकथाम से जुड़े मॉड्यूल का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। धामी ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। इन सुविधाओं का उद्देश्य किसानों और उद्यमियों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाना है।

उन्होंने कहा कि बाजार से सीधा जुड़ाव होने पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी और गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश में पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल हुई हैं। पहाड़ी मसालों, मंडुवा, झंगोरा, दालों, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प और ऊनी उत्पादों को महिलाएं कारोबार का रूप दे रही हैं।

धामी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का उत्पाद खरीदने वाले को उसमें पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू महसूस हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता का बड़ा उद्देश्य पलायन रोकना भी है। सभी 13 जिलों में उद्यमशाला चौपाल आयोजित की जा रही हैं और प्रचार वैन के माध्यम से योजनाओं की जानकारी गांव-गांव पहुंचाई जा रही है।

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