उत्तराखंड

चमोली में भालू का बढ़ता आतंक: दो महिलाओं की मौत के बाद अब स्कूली छात्रों के सामने आए भालू व शावक, गांव में दहशत

Pokhari, 08 September, 2026। उत्तराखंड के चमोली जिले में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिनों भालू के हमले से बचने के दौरान दो महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद अब राजकीय इंटर कॉलेज गोदली जा रहे 15 छात्र-छात्राओं का सामना ढोगडम तोक में अचानक भालू और उसके दो शावकों से हो गया। भालू को देखते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई और वे जान बचाकर वापस गांव की ओर भागे। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जिसके चलते स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी है। वहीं, घटना की सूचना के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। राजकीय इंटर कॉलेज गोदली के प्रधानाचार्य रुपचंद सैलानी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे नैल, गुणम और सिदेली गांवों के 15 छात्र-छात्राएं स्कूल के लिए निकले थे।

ढोगडम तोक में रास्ते पर अचानक भालू और उसके दो शावक दिखाई दिए। सामने भालू को देखकर बच्चे बुरी तरह सहम गए और शोर मचाते हुए वापस गांव की ओर भागे। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से संपर्क किया। बच्चों को फिलहाल घर में रहने और अकेले स्कूल नहीं भेजने की सलाह दी गई है। वन विभाग को भी घटना की सूचना दी गई है। भालू का सामना करने वाले छात्रों में अरमान, साहिल, अजय, अरुष, प्रियांशु, अकोल, मोहित, अरदीप, मीनाक्षी, नेहा, अरुशी, मुस्कान, अमीषा, कशिश और प्रिया शामिल हैं। नैल गांव के छात्र अरमान और मीनाक्षी ने बताया कि रास्ते में अचानक भालू अपने दोनों शावकों के साथ दिखाई दिया। भालू को सामने देखकर वे डर गए और जान बचाकर वापस गांव की ओर भागे। क्षेत्र में भालू की सक्रियता से ग्रामीण पहले ही दहशत में हैं।

पिछले शनिवार कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सिदेली गांव की विमला देवी और लक्ष्मी देवी घास लेने जंगल गई थीं। इसी दौरान भालू के हमले से बचने के प्रयास में दोनों चट्टान से नीचे गिर गई थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के कुछ ही दिन बाद स्कूल जाने वाले रास्ते पर बच्चों के सामने भालू और उसके शावकों के दिखाई देने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं ने बताया कि वन कर्मियों की टीम लगातार गश्त कर रही है। भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि जिस स्थान पर छात्रों को भालू दिखाई दिया, वहां भी टीम भेजकर गश्त कराई जाएगी।

उन्होंने ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों एडवोकेट देवेंद्र सिंह राणा, केदार सिंह नेगी और दर्शन सिंह गुसाईं समेत अन्य लोगों ने कहा कि भालू की लगातार बढ़ती सक्रियता से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। अब बच्चों को स्कूल भेजना भी जोखिम भरा लग रहा है। उन्होंने स्कूल मार्गों और प्रभावित गांवों में गश्त बढ़ाने की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button