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कॉर्बेट में पर्यटकों की रिकॉर्ड आवक: ढिकाला और झिरना बने पहली पसंद, भारतीयों के साथ विदेशी सैलानियों की भी उमड़ी भीड़

Ramnagar, 26 September, 2026। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 15 नवंबर 2025 से 15 जून 2026 तक देश-विदेश से 2,50,597 पर्यटकों ने दस्तक देकर इकोटूरिज्म का नया रिकॉर्ड बनाया है। राजस्व में सबसे बड़ी 67.2% की हिस्सेदारी जंगल सफारी की रही, जबकि नाइट स्टे में ढिकाला जोन सबसे आगे रहा। सख्त निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुए इस सीजन ने रामनगर को देश के प्रमुख बुकिंग हब के रूप में स्थापित कर दिया है। इकोटूरिज्म से 24 करोड़ 62 लाख 33 हजार 155 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान कुल 65,390 सफल बुकिंग दर्ज की गईं।

पर्यटकों की यह संख्या कॉर्बेट के साथ-साथ रामनगर की स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण रही। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इकोटूरिज्म के आंकड़े जारी किए। उन्होंने बताया कि पूरे पर्यटन सीजन में ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर कोई डाउनटाइम नहीं हुआ। साइबर सुरक्षा को मजबूत रखते हुए पोर्टल पर करीब 25 करोड़ साइबर हमलों को रोकने का दावा किया गया। पर्यटकों की पहली पसंद जंगल सफारी रही।

सफारी के लिए 50,395 परमिट जारी किए गए, जिनके माध्यम से 2,11,360 पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया। नाइट स्टे के लिए 5,590 बुकिंग हुईं और इनमें 14,040 पर्यटक पहुंचे। वहीं कैंटर से 9,405 बुकिंग में 25,197 पर्यटकों ने सफारी की। कुल पर्यटकों में 2,40,646 भारतीय और 9,951 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। राजस्व के लिहाज से भी सफारी सबसे आगे रही। कुल आय में सफारी की हिस्सेदारी 67.2 प्रतिशत रही। नाइट स्टे से 18.2 प्रतिशत और कैंटर से 14.6 प्रतिशत राजस्व मिला। नाइट स्टे में ढिकाला जोन 68.56 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा, जबकि सफारी में झिरना जोन की हिस्सेदारी 31.51 प्रतिशत रही।आंकड़ों के अनुसार नाइट स्टे करने वाले पर्यटकों की औसत आयु 43 वर्ष रही।

सफारी और कैंटर पर्यटकों की औसत आयु 37 वर्ष दर्ज की गई। कुल पर्यटकों में करीब 61 प्रतिशत पुरुष रहे। कॉर्बेट प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती दिखाई। इस दौरान 12 परमिट रद्द किए गए, 479 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए और छह पर्यटकों पर प्रतिबंध लगाया गया। कॉर्बेट पर्यटन का सबसे प्रत्यक्ष लाभ रामनगर को मिला। राष्ट्रीय बुकिंग में रामनगर सबसे आगे रहा। सफारी के 22,364 परमिट, नाइट स्टे की 1,510 और कैंटर की 1,374 बुकिंग रामनगर से दर्ज हुईं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होटल, गाइड, ड्राइवर, दुकानदार और स्थानीय परिवहन कारोबार को काम मिला। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं और स्थानीय युवाओं के लिए आय के नए अवसर बने।

इकोटूरिज्म के क्षेत्राधिकारी ललित आर्य ने रामनगर में बढ़ती पर्यटक गतिविधियों पर प्रसन्नता जताई। वित्त वर्ष 2025-26 में चार लाख से ज्यादा सैलानियों ने कार्बेट नेशनल पार्क की सैर की। इनमें भारतीयों की संख्या 3,89,997 और 10,949 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इससे लगभग 27 करोड़ 75 लाख 28 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

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