
Dehradun, 02 October, 2026। वीकेंड और तीन दिन के लंबे अवकाश के चलते पर्यटन नगरी मसूरी में पर्यटकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस बल की कमी और ठोस कार्ययोजना न होने के कारण पूरा शहर भयंकर जाम की चपेट में आ गया और स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। शुक्रवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश व अन्य पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से मसूरी-देहरादून मार्ग सहित हर मुख्य और संपर्क मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लाइब्रेरी-किंक्रेग मार्ग, लाइब्रेरी-हाथीपांव मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग और लंढौर मार्ग पर दो किलोमीटर से अधिक लंबा जाम घंटों तक लगा रहा। गांधी चौक से वाहनों को मालरोड की ओर डायवर्ट करने पर मालरोड पर भी गाड़ियों का रैला थम गया और हर तरफ वाहन रेंगते नजर आए।
घंटाघर से यातायात को टिहरी बाईपास की ओर मोड़े जाने से सिविल अस्पताल रोड पर भी अफरा-तफरी का माहौल रहा। लंढौर क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि वहां आए दिन जाम रहने से व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। इस भीषण अव्यवस्था से वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी हुई, जिन्हें वाहनों के बीच से रास्ता बनाना पड़ा। पर्यटकों को दून से मसूरी पहुंचने में सामान्य से 3 से 4 गुना अधिक यानी 3 से 4 घंटे लग रहे हैं, जिससे उनका पूरा दिन वाहनों में फंसकर बर्बाद हो गया। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने पुलिस व प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का इस दौरान स्कूटी से सफर करना मसूरी की चरमराई यातायात व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी था।



