उत्तराखंड

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव या क्षेत्र में होंगी स्थापित: मुख्यमंत्री धामी

Dehradun, 03 October, 2026। मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य आंदोलन के जिन शहीदों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हो सकी हैं, उन्हें अब उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने रामपुर तिराहा में प्रतिमा स्थापना के लिए ₹27 लाख की धनराशि जारी करने, ई-लाइब्रेरी और संग्रहालय विस्तार तथा आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों का बलिदान राज्य के इतिहास का अमिट अध्याय है। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करना और भावी पीढ़ियों को उनके संघर्ष से परिचित कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी भावना के अनुरूप देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

अब राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों को भी उनके अपने गांव और क्षेत्र में सम्मान देने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक और दो अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड के इतिहास का पीड़ादायक अध्याय है। खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्री यंत्र टापू सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण के लिए बलिदान दिया। उनके संघर्ष और त्याग से ही पृथक उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। आश्रित प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया सरल कर तहसील स्तर पर प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए गए हैं। परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शहीद आंदोलनकारियों के नाम पर सड़कों और विद्यालयों का नामकरण करने के आदेश जारी किए गए हैं। रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी के शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तारीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका अतुलनीय रही। शहीदों के सपनों के अनुरूप समृद्ध, सशक्त और अग्रणी उत्तराखंड का निर्माण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मुजफ्फरनगर डॉ. सुधीर सैनी, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद मधु भट्ट, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद सुभाष बड़थ्वाल, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रामपुर तिराहा में शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए 27 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। शहीद स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्व. पंडित महावीर शर्मा के योगदान को भी उन्होंने नमन किया। स्मारक परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने आंदोलनकारियों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों के योगदान को भी याद किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण की घोषणा की। स्मारक परिसर में स्थित पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जाएगा। संग्रहालय का भी विस्तार होगा। इसमें उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री को शामिल किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियां राज्य की सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

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