
ऋषिकेश। अक्षय तृतीया से शुरू हो रही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार 30 पंजीकरण काउंटर और 30 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यात्रियों की सेवा में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बुधवार को डीएम ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऋषिकेश और हरबर्टपुर में छह मेडिकल टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सुगम बनाया गया है। बंसल ने बताया कि ट्रांजिट कैंप में 24 और आईएसबीटी पर छह काउंटर संचालित होंगे। कुल 30 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से 25 टीमें दिन में और पांच टीमें रात्रि में होटल, सराय व धर्मशालाओं में जाकर यात्रियों का पंजीकरण करेंगी।
उन्होंने बताया कि ट्रांजिट कैंप में बड़ी स्क्रीन के जरिए धर्मशालाओं के संपर्क नंबर और उपलब्ध बैड की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। डीएम ने यात्रियों के लिए 24 गुना 7 इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। बंसल ने कहा है कि जहां पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के कर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा यात्रियों के लिए ट्रांजिट कैंप में नि:शुल्क चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था होगी, जिसमें स्वयं सहायता समूहों का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल, सीडीओ अभिनव शाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



