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अखरोट की खेती बनेगी स्वरोजगार का आधार: मुख्य सचिव ने दिए प्रभावी मार्केटिंग और क्लस्टर बनाने के निर्देश

देहरादून। सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की आर्थिकी को मजबूती देने के लिए अखरोट जैसी नकदी फसलों पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि क्लस्टर और फेडरेशन को मजबूत कर उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में न केवल बागवानी, बल्कि जापानी तकनीक के सहयोग से भूस्खलन रोकने और मृदा अपरदन पर लगाम लगाने की कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान अखरोट के पौधारोपण की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने संबंधित प्रभागों के डीएफओ को निर्देश दिए कि योजना के तहत लगाए गए पौधों का मूल्यांकन कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही किसानों को इस योजना से हो रहे वास्तविक लाभ और फलोत्पादन की स्थिति का भी आंकलन करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि अखरोट उत्पादन पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के लिए आय का मजबूत स्रोत बन सकता है। यदि वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती को बढ़ावा दिया जाए तो यह राज्य की आर्थिकी को भी मजबूती देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल्यांकन के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे योजना को और प्रभावी बनाया जा सके।

इसके अलावा उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, क्लस्टरों और राज्य स्तरीय फेडरेशन को मजबूत बनाने, बाजार उपलब्ध कराने और उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अखरोट जैसी नकदी फसलों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

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