
रामनगर। अगर आप भी जिम कॉर्बेट के घने जंगलों के बीच, बाघों की दहाड़ सुनते हुए रात गुजारने का रोमांच महसूस करना चाहते हैं, तो समझो उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है! सैलानियों का सबसे पसंदीदा ‘ढिकाला जोन’ आगामी 15 जून से पूरे पांच महीने के लिए मानसून के कारण बंद होने वाला है। अब बुकिंग के लिए सिर्फ 48 घंटे वाली ‘करंट विंडो’ ही सहारा है, वो भी तब जब मौसम मेहरबान रहेगा। तो बॉस, देर किस बात की? बैग पैक कीजिए, इससे पहले कि ढिकाला पर ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लटक जाए! मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पार्क प्रशासन ने इस बार बुकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) के निदेशक डा. साकेत बडोला ने स्पष्ट किया कि मानसून की संवेदनशीलता को देखते हुए पर्यटकों को पार्क में प्रवेश तभी मिलेगा जब मौसम पूरी तरह अनुकूल रहेगा। यदि भारी बारिश होती है या सुरक्षा का कोई भी खतरा नजर आता है, तो बुकिंग को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। अपने विशाल घास के मैदानों (चौड़) और रामगंगा नदी के विहंगम दृश्यों के लिए मशहूर ढिकाला जोन हमेशा से वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद रहा है। पार्क प्रशासन के अनुसार, ढिकाला में पर्यटकों के ठहरने के लिए करीब 30 कमरे और 12 डॉरमेट्री बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा गैरल, सुल्तान, मलानी, बिजरानी, ढेला, झिरना, पाखरो और सोना नदी क्षेत्रों में भी बेहद सीमित आवास सुविधाएं हैं।आगामी 15 जून से मुख्य जोनों में नाइट स्टे (रात्रि विश्राम) की व्यवस्था पूरी तरह बंद हो जाएगी। इसके बाद केवल गार्जिया, झिरना, ढेला और बिजरानी जोन में ही ‘डे-सफारी’ का संचालन किया जाएगा। हालांकि, बिजरानी जोन में भी डे-सफारी केवल 30 जून तक ही चलेगी, जिसके बाद इसे भी बंद कर दिया जाएगा। पार्क प्रशासन ने कॉर्बेट आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले पार्क की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मौसम और रास्तों का लाइव अपडेट अनिवार्य रूप से चेक कर लें।



