
लखनऊ। राजधानी के अलीगंज सेक्टर-डी में स्थित एक एनीमेशन और गेमिंग सेंटर में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे भयंकर आग लग गई। शुरुआती जांच में हादसे की वजह एसी कंप्रेशर का फटना बताया जा रहा है। इस हादसे में अब तक 15 छात्रों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन लडकियां और बाकी 12 लडके शामिल हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के प्रशिक्षु हैं। जिस इमारत में आग लगी उसके बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक है। दूसरे फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और हेड हॉपर स्टूडियो है, जिसमें 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है। घटना के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और राज्य सरकार ने 5-5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम देर रात तक बचाव कार्य में जुटी रहीं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। घटना का कारण एसी का कम्प्रेशर फटन से लगी आग को बताया जा रहा है। इस आग से उठे भारी धुएं में अधिकांश बच्चों की दम घुटने से मौत हुई। कई बच्चों ने इमारत से कूद कर, बिजली के केबल से लटक कर अपनी जान बचायी। घटना की शरुआत से माौके पर माौजूद िडप्टी सीएं बृजेश पाठक मीडिया से बात करते हुए रो पड़े। राष्ट्रपति द्रौपी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय आदि ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दु:ख जताया है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने अपने-अपने सरकारी कोष से मुआवजे की घोषणा भी की है।
एमएस-102 अलीगंज सेक्टर-डी स्थित हेड एंड हॉपर्स एनीमेशन एंड गेमिंग जोन दूसरी मंजिल पर स्थित है। दोपहर ढाई बजे के करीब यहां आग लग गई। बताया जाता है कि एसी का कंप्रेशर फटने से यह घटना हुई। आग लगने के बाद पूरे भवन में धुआं भर गया। इससे अंदर मौजूद छात्रों में भगदड़ मच गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए से छलांग लगा दी। इससे वह घायल हो गए। सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और राहत की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बगल के घर की छत से कोचिंग की दीवार काटकर रेस्क्यू का प्रयास किया गया। करीब 10 लोगों को रेस्क्यू कर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। वहीं आग और धुएं की वजह से 15 की मौत हो गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। अलीगढ़ का दौरा रद्द कर राजधानी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी अफसरों से ली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना के समय अलीगढ में एक कार्यक्रम में थे। हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम अधूरा छोडा और तत्काल लखनऊ रवाना हआ। लखनऊ आते ही वह सीधे मौके पर पहुंचे। अग्निकांड में जली बिल्डिंग देखी सीएम ने, बगल के भवन की छत पर जाकर भी मुआयना किया। इसके बाद वह केजीएमयू पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों का हालचाल लिया। मुख्यमंत्री ने केजीएमयू प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के लिए भी निर्देश दिये। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी को घायलों के इलाज के बारे में संपूर्ण जानकारी दी।



