उत्तराखंड में असरदार साबित हो रहा ‘जन-जन की सरकार’ का दूसरा चरण, 20 हजार से ज्यादा का मौके पर समाधान

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किया गया ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान राज्य में सुशासन की एक सफल मिसाल बनकर उभर रहा है। ‘सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि’ के संकल्प के साथ चल रहे इस अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता की चौखट तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। अभियान के दूसरे चरण की सफलता के साथ ही अब तक साढ़े 6 लाख से अधिक नागरिक इन शिविरों के माध्यम से सीधे लाभान्वित और जुड़ चुके हैं। इन शिविरों में लोगों की शिकायतों का मौके पर समाधान करने के साथ समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
अभियान के दौरान प्राप्त 23,219 शिकायतों में से 20,808 का तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि 81,753 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी सोच के तहत अधिकारी और कर्मचारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अभियान का पहला चरण पिछले दिसंबर में 45 दिनों तक चलाया गया था।
उस दौरान 681 शिविरों के माध्यम से 5,33,452 नागरिकों ने भागीदारी की थी और करीब 33 हजार शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था। सरकार का दावा है कि यह अभियान सुशासन की एक सफल पहल बनकर उभरा है और आम जनता तक सरकारी सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत प्रशासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कर रहा है। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि के संकल्प के साथ निरंतर जनता की सेवा में समर्पित है।

