बीडीसी सदस्यों और ब्लॉक प्रमुखों को धामी सरकार की बड़ी राहत, मानदेय-भत्ते बढ़ाने और क्षेत्र पंचायत निधि बहाल करने का ऐलान

Dehradun, 02 November, 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी मेंबर्स) और ब्लॉक प्रमुखों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर बड़ा फैसला लिया है। रविवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन’ के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्तों में बढ़ोतरी के साथ-साथ क्षेत्र पंचायत निधि को दोबारा शुरू करने समेत चार अहम घोषणाएं कीं। इसके अलावा, पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए राज्य कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया ।
रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन में धामी ने क्षेत्र पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को जमीन पर उतारने में ब्लॉक प्रमुखों और पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे गांवों की समस्याओं और जरूरतों को नजदीक से समझते हैं। इसलिए सरकार उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से ले रही है।
धामी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनकी भागीदारी जरूरी है। सरकार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से विकास कार्यों को गति देना चाहती है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख संगठन उत्तराखण्ड राजीव कण्डारी, महासचिव गणेश चन्दोला, ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट एवं अन्य ब्लॉक प्रमुखगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भी प्रयास कर रही है। छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार स्थानीय निकायों की राज्य के कर गांवों में रोजगार बढ़ाने पर जोर धामी ने कहा कि विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर ही हासिल किया जा सकता है। सरकार होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों में आजीविका के अवसर बढ़ाने में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने पंचायतों को मिलने वाली धनराशि का पारदर्शिता से उपयोग करने और विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे पंचायतों और स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होगी।



