
Dharchula, 01 Nomber, 2026। पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र आदि कैलाश मंदिर के कपाट आगामी 5 नवंबर 2026 को पूरे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इस वर्ष आदि कैलाश की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड 71 हजार तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
कपाट बंद करने का यह महत्वपूर्ण निर्णय धारचूला तहसील के सीमांत गांव कुटी में आयोजित एक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया। इस बैठक में ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल, मंदिर के मुख्य पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल, बीरेंद्र सिंह कुटियाल और समस्त ग्रामवासियों ने सहभागिता करते हुए धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का पालन कर तिथियों का निर्धारण किया।
कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की आधिकारिक धार्मिक यात्रा का सत्र संपन्न हो जाएगा। हालांकि, कपाट बंद होने की तिथि समीप होने के बावजूद आदि कैलाश और आसपास के खूबसूरत क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही लगातार जारी है। बढ़ते हुए पर्यटन और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, अब उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी की ओर से अग्रिम इनर लाइन परमिट (ILP) जारी करने पर आधिकारिक रोक लगाने के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। कपाट बंद होने के उपरांत यह क्षेत्र अगले सीजन के लिए पुनः खुलने तक शीतकालीन बर्फबारी के साए में रहेगा।



