
Dehradun, 30 October, 2026। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत दिल्ली से हरिद्वार के बीच संपर्क मार्ग को और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि दिल्ली को हरिद्वार से जोड़ने वाला 51 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे अगले दो महीने में बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे दिल्ली से हरिद्वार का सफर महज डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा। सहारनपुर के हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भगवानपुर और कलियर होते हुए एनएच-58 से जुड़ने वाला यह नया रूट न केवल श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रियों के समय की बचत करेगा, बल्कि आगामी कुंभ मेले के दौरान यातायात के दबाव को कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में गडकरी ने यह ऐलान किया। उन्होंने कहा किदिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से हरिद्वार को जोड़ने के लिए करीब 51 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बनाया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार तक सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और मौजूदा मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करना है। एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे पर प्रवेश और निकास निर्धारित स्थानों से होता है, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकती है। प्रस्तावित मार्ग उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में हलगोया मुस्तकम के पास से शुरू होकर भगवानपुर, सालियर और कलियर होते हुए भड़ेड़ी राजपूताना के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-58 से जुड़ेगा। इससे दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर आने वाले वाहनों को हरिद्वार तक पहुंचने के लिए बेहतर संपर्क मार्ग मिल सकेगा। हालांकि, डेढ़ घंटे में दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने का समय यातायात, प्रवेश मार्ग और सड़क की वास्तविक स्थिति पर निर्भर करेगा। निर्माण पूरा होने और यातायात शुरू होने की आधिकारिक तारीख स्पष्ट होने के बाद ही यात्रा समय में होने वाली वास्तविक कमी का आकलन किया जा सकेगा। अर्धकुंभ से पहले यह परियोजना शुरू होती है तो श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हरिद्वार में अगले वर्ष में कुंभ का आयोजन होना है। इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले यात्रियों के लिए नया कॉरिडोर उपयोगी साबित हो सकता है। इससे हरिद्वार शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। परियोजना का लाभ धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलने की उम्मीद है। होटल, धर्मशालाओं, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन आधारित कारोबार को बेहतर सड़क संपर्क का फायदा मिल सकता है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए भी दिल्ली से हरिद्वार पहुंचना सुविधाजनक हो सकता है।



