
Dharchula, 30 October, 2026। चीन के तकलाकोट में भारी बर्फबारी और हिमालयी दर्रों में बढ़ते जोखिम की चेतावनी के बाद भारत-चीन पारंपरिक व्यापार में शामिल सभी भारतीय व्यापारी सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं। प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए व्यापारी 26 और 27 अक्टूबर को लिपुलेख दर्रे के रास्ते भारत पहुंचे, जिसके साथ ही इस वर्ष का व्यापारिक सत्र भी आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी के अनुसार, इस सत्र में भारतीय व्यापारियों ने ₹74.95 लाख का निर्यात और ₹74.51 लाख मूल्य का सामान आयात किया। खराब मौसम और दुर्गम रास्तों में व्यापारियों के फंसने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया। उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी के अनुसार, इस वर्ष भारत-चीन पारंपरिक व्यापार के तहत भारतीय व्यापारियों ने कुल 74,95,325 रुपये का कारोबार किया।
वहीं, चीन से 74,51,402 रुपये मूल्य का सामान आयात किया गया। तकलाकोट क्षेत्र में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी बर्फबारी की आशंका जताई गई थी। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में मौसम खराब होने पर आवागमन प्रभावित होने और व्यापारियों के फंसने का खतरा बढ़ सकता था। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यापारियों को समय से पहले वापस लौटने के निर्देश दिए। भारत-चीन पारंपरिक व्यापार सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और स्थानीय व्यापारियों की आजीविका से जुड़ा है। हालांकि, इस बार मौसम की चेतावनी के चलते व्यापारिक गतिविधियां आगे नहीं बढ़ सकीं। सभी व्यापारियों की सुरक्षित वापसी के साथ अब सीमांत क्षेत्र के कारोबारी अगले व्यापारिक सत्र की प्रतीक्षा करेंगे।



