
Uttarkashi, 01 November, 2026। गंगोत्री मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध केदारताल ट्रेक पर खराब मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के चलते 13 सदस्यीय दल के फंसने से हड़कंप मच गया है। 27 अक्टूबर को केदारताल के लिए रवाना हुआ यह दल तय समय पर वापस नहीं लौट सका, जिसमें से कच्ची ढांग के पास 4 सपोर्ट स्टाफ को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के 8 ट्रेकर्स अब भी भोजखड़क के आगे फंसे हुए हैं। फंसे हुए सदस्यों में से एक की तबीयत बिगड़ने और एक के घायल होने की सूचना है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की संयुक्त टीमें दुर्गम परिस्थितियों के बीच बचाव कार्य में जुटी हैं, वहीं फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी की जा रही है।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 लोग केदारताल के लिए रवाना हुए थे। उनकी वापसी 29 अक्टूबर को होनी थी। 30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से फोन पर संपर्क होने पर दल ने कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की जानकारी देते हुए मदद मांगी थी।
इसके बाद पोर्टर और गाइड की टीम ने करीब छह किलोमीटर तक रास्ता खोलने का प्रयास किया। शनिवार सुबह उत्तरकाशी से 10 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम गंगोत्री रवाना हुई। वहीं, एसडीआरएफ के छह जवान, वन विभाग के दो सदस्य और ट्रेकिंग एजेंसी के सात सदस्य भी रेस्क्यू अभियान में शामिल हुए। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान से मिली जानकारी के अनुसार कच्ची ढांग के आसपास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोग सुरक्षित मिल गए हैं। जबकि शेष आठ लोग भोजखड़क से आगे हिमस्खलन के कारण फंसे हुए हैं। एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना के बीच प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जा रही है। दुर्गम रास्ते और हिमस्खलन के खतरे के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की व्यवस्था के लिए भी संबंधित विभागों से संपर्क किया है।



